+91 8423907282 info@nhv.org.in पदरौना / तमकुहीराज, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश

नालंदा हिंदी विद्यापीठ

NALANDA HINDI VIDYAPEETH (NHV)

हिंदी भाषा, साहित्य एवं प्राच्य विद्या के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित राष्ट्रीय संस्थान

आवश्यक सूचना
📢 सत्र 2025-26 की प्रथमा, मध्यमा, विशारद एवं साहित्यरत्न परीक्षाओं हेतु ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ | 📢 अंकपत्र एवं उपाधि सत्यापन ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध | 📢 नए परीक्षा एवं अध्ययन केंद्रों की संबद्धता हेतु आवेदन आमंत्रित | 📢 कार्यालय समय: प्रातः 10:00 से सायं 05:00 बजे तक (सोमवार - शनिवार)।
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राष्ट्रभाषा हिंदी एवं प्राच्य ज्ञान का संरक्षण

ज्ञानं परमं ध्येयम् | राष्ट्रभाषा हिंदी का राष्ट्रीय गौरव

नालंदा हिंदी विद्यापीठ प्राचीन नालंदा की ज्ञान-परंपरा को आधुनिक युग में पुनर्जीवित करते हुए राष्ट्रभाषा हिंदी, संस्कृत एवं प्राच्य वाङ्मय के अध्ययन, परीक्षा एवं अनुसंधान का प्रतिष्ठित केंद्र है।

त्वरित छात्र सत्यापन सेवा

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विद्यापीठ एक दृष्टि में

नालंदा हिंदी विद्यापीठ की मुख्य धारा

संस्थान का ध्येय हिंदी भाषा के प्रचार, प्रसार और विकास के साथ-साथ सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है।

प्रवेश स्तर

प्रथमा (Prathama)

हिंदी भाषा, व्याकरण, सामाजिक विज्ञान एवं प्राथमिक साहित्य का अध्ययन। यह परीक्षा माध्यमिक/हाई स्कूल मानक के समकक्ष मानी जाती है।

  • अवधि: 1 वर्ष
  • न्यूनतम योग्यता: 8वीं उत्तीर्ण / स्वाध्यायी
इंटरमीडिएट स्तर

मध्यमा (Madhyama)

गहन हिंदी साहित्य, संस्कृत एवं आधुनिक विषयों का समन्वय। यह परीक्षा 10+2 / इंटरमीडिएट हिंदी मानक के समकक्ष स्तर प्रदान करती है।

  • अवधि: 2 वर्ष
  • न्यूनतम योग्यता: प्रथमा / 10वीं उत्तीर्ण
स्नातक स्तर

विशारद (Visharad)

हिंदी साहित्य का इतिहास, काव्यशास्त्र, गद्य-पद्य विधाएं एवं निबंध। यह उपाधि हिंदी माध्यम में बी.ए. (B.A. Hindi) के समकक्ष मानी जाती है।

  • अवधि: 3 वर्ष
  • न्यूनतम योग्यता: मध्यमा / 12वीं उत्तीर्ण
स्नातकोत्तर स्तर

साहित्यरत्न (Sahityaratna)

प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक हिंदी साहित्य, भाषा विज्ञान, रस मीमांसा एवं आलोचना पर आधारित सर्वोच्च स्नातकोत्तर (M.A. स्तर) परीक्षा।

  • अवधि: 2 वर्ष
  • न्यूनतम योग्यता: विशारद / स्नातक
अनुसंधान स्तर

विद्या वाचस्पति (Ph.D.)

हिंदी साहित्य, भाषा-विकास एवं क्षेत्रीय लोक साहित्य पर शोध प्रबंध। योग्य विद्वानों को अनुसंधान उपरांत प्रदान की जाने वाली उपाधि।

  • अवधि: न्यूनतम 2-3 वर्ष शोध
  • न्यूनतम योग्यता: साहित्यरत्न / स्नातकोत्तर
रोजगारोन्मुखी डिप्लोमा

हिंदी शिक्षण एवं अनुवाद

राजभाषा हिंदी का कार्यालयी प्रयोग, प्रशासनिक अनुवाद, प्रयोजनमूलक हिंदी एवं अध्यापन प्रशिक्षण का विशेष पत्रोपाधि पाठ्यक्रम।

  • अवधि: 1 वर्ष डिप्लोमा
  • न्यूनतम योग्यता: मध्यमा / स्नातक

नालंदा हिंदी विद्यापीठ का गौरवशाली परिचय एवं इतिहास

नालंदा हिंदी विद्यापीठ (Nalanda Hindi Vidyapeeth - NHV) भारत की प्राचीन ज्ञान-धरोहर, बौद्धिक परंपरा तथा राष्ट्रभाषा हिंदी के सर्वांगीण विकास हेतु समर्पित एक ऐतिहासिक व स्वायत्त शैक्षणिक संस्था है। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की वैश्विक ख्याति, जहां देश-विदेश से अध्येता ज्ञानार्जन हेतु आते थे, उसी पावन प्रेरणा को संजोते हुए विद्यापीठ ने हिंदी भाषा एवं प्राच्य ज्ञान के उन्नयन का संकल्प लिया है।

विद्यापीठ का प्रमुख उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर ग्रामीण व वंचित वर्ग के अध्येताओं तक हिंदी के माध्यम से सुगम और प्रमाणिक शिक्षा पहुंचाना है। विद्यापीठ द्वारा संचालित परीक्षाएं—प्रथमा, मध्यमा, विशारद तथा साहित्यरत्न—पारंपरिक रूप से हिंदी सेवियों, शिक्षकों, लेखकों तथा प्रशासनिक अनुवादकों के बीच अत्यंत समादृत रही हैं।

हमारी मूल प्रतिबद्धताएं:

  • राष्ट्रभाषा हिंदी को वैश्विक फलक पर ज्ञान एवं अनुसंधान की भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करना।
  • दूरस्थ एवं स्वाध्यायी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम एवं सुगम परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना।
  • अभिलेखों एवं प्रमाणपत्रों का 100% डिजिटल सत्यापन पारदर्शी रूप से प्रस्तुत करना।
  • प्राच्य भाषाओं (संस्कृत, पालि, प्राकृत) के साहित्य का संरक्षण एवं अनुसंधान को प्रोत्साहन।

दृष्टि, ध्येय एवं संकल्प (Vision, Mission & Goals)

हमारी दृष्टि (Vision)

एक ऐसे ज्ञान-आधारित समाज का निर्माण करना जहां राष्ट्रभाषा हिंदी केवल संवाद का माध्यम न होकर विज्ञान, साहित्य, तकनीक और अनुसंधान की समर्थ भाषा बने।

हमारा ध्येय (Mission)

पारंपरिक हिंदी परीक्षाओं (प्रथमा से साहित्यरत्न तक) का संचालन उच्च शैक्षणिक मानकों के अनुसार करना तथा अध्येताओं को रोजगार और स्वावलंबन के अवसर प्रदान करना।

शासी निकाय एवं प्रशासनिक संरचना (Governance Structure)

नालंदा हिंदी विद्यापीठ का संचालन प्रतिष्ठित साहित्यकारों, शिक्षाविदों तथा भाषाविदों की उच्चस्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। समिति विद्यापीठ के नीति-निर्धारण, पाठ्यक्रम निर्माण तथा परीक्षाओं की शुचिता का नियमन करती है।

पदनाम (Designation) प्रभार / दायित्व (Portfolio) कार्यालय (Office Location)
कुलाधिपति (Chancellor) सर्वोच्च संरक्षक एवं दीक्षांत परिषद अध्यक्ष केंद्रीय सचिवालय
कुलपति (Vice Chancellor) शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रमुख मुख्यालय, कुशीनगर
कुलसचिव (Registrar) संबद्धता, परीक्षा एवं प्रशासनिक नियमन मुख्यालय, कुशीनगर
परीक्षा नियंत्रक (Controller of Exams) गोपनीय परीक्षा शाखा, मूल्यांकन एवं सत्यापन केंद्रीय परीक्षा परिषद

कुलपति एवं कुलाधिपति का संदेश (Leadership Messages)

कुलपति का संदेश (Vice-Chancellor's Message)

"प्रिय अध्येताओं, हिंदी भाषा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। नालंदा हिंदी विद्यापीठ ने निरंतर स्वाध्यायी एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को साहित्य और भाषा की मुख्यधारा से जोड़ा है। हम आधुनिक डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करते हुए शत-प्रतिशत पारदर्शी सत्यापन प्रणाली प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि हर शिक्षार्थी का श्रम सुरक्षित और सम्मानित रहे।"


कुलसचिव का उद्बोधन (Registrar's Note)

"सभी संबद्ध अध्ययन केंद्रों और परीक्षा संचालकों से हमारा आग्रह है कि वे परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा को बनाए रखें। विद्यापीठ का ऑनलाइन पोर्टल विद्यार्थियों को उनके प्रमाणपत्रों का त्वरित सत्यापन प्रदान करता है, जो आधुनिक समय की अनिवार्य आवश्यकता है।"

नालंदा हिंदी विद्यापीठ की मुख्य परीक्षाएं एवं पाठ्यक्रम तालिका

विद्यापीठ द्वारा संचालित समस्त परीक्षाओं की मानक अवधि, पात्रता तथा विषय विवरण नीचे दिया गया है:

परीक्षा का नाम मानक स्तर न्यूनतम अवधि अनिवार्य पात्रता
प्रथमा (Prathama) माध्यमिक / हाई स्कूल स्तर 1 वर्ष 8वीं उत्तीर्ण अथवा साक्षर स्वाध्यायी
मध्यमा (Madhyama) उच्चतर माध्यमिक (10+2) स्तर 2 वर्ष प्रथमा अथवा 10वीं उत्तीर्ण
विशारद (Visharad) स्नातक (B.A. Hindi) स्तर 3 वर्ष मध्यमा अथवा 10+2 उत्तीर्ण
साहित्यरत्न (Sahityaratna) स्नातकोत्तर (M.A. Hindi) स्तर 2 वर्ष विशारद अथवा किसी संकाय में स्नातक
विद्या वाचस्पति (Ph.D.) शोध / डॉक्टरेट स्तर 2-3 वर्ष साहित्यरत्न अथवा स्नातकोत्तर उपाधि
हिंदी शिक्षण एवं अनुवाद डिप्लोमा व्यावसायिक पत्रोपाधि 1 वर्ष 10+2 अथवा स्नातक

प्रथमा परीक्षा (Prathama Examination) - विस्तृत पाठ्यक्रम

स्तर: माध्यमिक / हाई स्कूल मानक | अवधि: 1 वर्ष

प्रथमा परीक्षा हिंदी भाषा के प्राथमिक साहित्य, व्याकरण और सामाजिक बोध का समग्र अध्ययन कराती है। यह परीक्षा उन शिक्षार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी है जो किसी कारणवश नियमित विद्यालयी शिक्षा पूरी नहीं कर सके।

प्रश्नपत्रों की संरचना (Paper Scheme):

  1. प्रथम पत्र: सामान्य हिंदी, गद्य एवं पद्य संकलन (100 अंक)
  2. द्वितीय पत्र: हिंदी व्याकरण, संधि, समास, मुहावरे एवं निबंध रचना (100 अंक)
  3. तृतीय पत्र: सामान्य संस्कृत परिचय अथवा प्रारंभिक गणित (100 अंक)
  4. चतुर्थ पत्र: सामाजिक विज्ञान, भारतीय इतिहास एवं भूगोल का प्राथमिक ज्ञान (100 अंक)

मध्यमा परीक्षा (Madhyama Examination) - विस्तृत पाठ्यक्रम

स्तर: इंटरमीडिएट / 10+2 मानक | अवधि: 2 वर्ष (प्रथम व द्वितीय वर्ष)

मध्यमा परीक्षा हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों, कथा साहित्य तथा निबंध विधाओं का विस्तृत परिचय प्रदान करती है। इस परीक्षा के उत्तीर्णार्थी उच्चतर कक्षाओं में प्रवेश हेतु पात्र होते हैं।

प्रश्नपत्रों की संरचना (Paper Scheme):

  1. प्रथम पत्र: आधुनिक हिंदी कविता एवं प्राचीन काव्य धारा (100 अंक)
  2. द्वितीय पत्र: हिंदी गद्य, नाटक, एकांकी एवं उपन्यास (100 अंक)
  3. तृतीय पत्र: हिंदी भाषा का इतिहास एवं उन्नत व्याकरण (100 अंक)
  4. चतुर्थ पत्र: संस्कृत साहित्य परिचय अथवा ऐच्छिक विषय (100 अंक)
  5. पंचम पत्र: सामान्य ज्ञान, निबंध एवं समसामयिक चिंतन (100 अंक)

विशारद परीक्षा (Visharad Examination) - स्नातक स्तर

स्तर: स्नातक (B.A. Equivalent) मानक | अवधि: 3 वर्ष

विशारद परीक्षा हिंदी साहित्य के गंभीर अध्येताओं, प्राध्यापकों तथा लेखकों के निर्माण हेतु अभिकल्पित की गई है। इसमें हिंदी साहित्य के आदिकाल से लेकर अद्यतन विमर्शों का गहन विश्लेषण किया जाता है।

मुख्य अध्ययन क्षेत्र:

  • हिंदी साहित्य का सुदीर्घ इतिहास (आचार्य रामचंद्र शुक्ल एवं हजारीप्रसाद द्विवेदी की दृष्टि)
  • भारतीय काव्यशास्त्र (रस, अलंकार, छंद, वक्रोक्ति सिद्धांत)
  • छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद तथा समकालीन नई कविता
  • प्रयोजनमूलक हिंदी, पत्र-व्यवहार एवं टिप्पणी लेखन

साहित्यरत्न परीक्षा (Sahityaratna Examination) - स्नातकोत्तर स्तर

स्तर: स्नातकोत्तर (M.A. Equivalent) मानक | अवधि: 2 वर्ष

साहित्यरत्न नालंदा हिंदी विद्यापीठ की सर्वोत्कृष्ट उपाधि है। यह उपाधि हिंदी जगत में विद्वता और आलोचनात्मक दृष्टि का प्रतीक मानी जाती है। इसके धारक उच्च शोध, समीक्षा तथा शिक्षण में विशिष्ट स्थान प्राप्त करते हैं।

अध्ययन विधाएं:

  1. भाषा विज्ञान एवं हिंदी भाषा का ऐतिहासिक विकास
  2. पाश्चात्य समीक्षा शास्त्र (अरस्तू, लोंजाइनस, आई.ए. रिचर्ड्स एवं इलियट के सिद्धांत)
  3. कबीर, तुलसी, सूर, जायसी एवं बिहारी का विशिष्ट काव्यानुशीलन
  4. समकालीन हिंदी उपन्यास, कहानी तथा वैचारिक विमर्श (स्त्री, दलित, आदिवासी विमर्श)

विद्या वाचस्पति (Ph.D. / Research Fellowship)

विद्यापीठ द्वारा योग्य साहित्यरत्न धारकों अथवा समकक्ष स्नातकोत्तर विद्वानों को स्वतंत्र शोध कार्य हेतु 'विद्या वाचस्पति' की मानद एवं शोधोपाधि प्रदान की जाती है।

शोधार्थियों को भाषा विज्ञान, लोक साहित्य, प्राच्य पांडुलिपि संपादन अथवा आधुनिक विमर्शों में से किसी एक स्वीकृत विषय पर न्यूनतम दो वर्ष का मौलिक शोध ग्रंथ प्रस्तुत करना होता है, जिसका मूल्यांकन प्रख्यात प्राध्यापकों की समिति द्वारा किया जाता है।

हिंदी शिक्षण एवं अनुवाद डिप्लोमा (Diploma in Translation & Pedagogy)

शासकीय तथा अर्धशासकीय विभागों, बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों में राजभाषा अधिकारियों तथा अनुवादकों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह एक वर्षीय डिप्लोमा संचालित किया जाता है।

प्रमुख पाठ्यक्रम घटक:

  • अंग्रेजी से हिंदी तथा हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद सिद्धांत एवं तकनीक
  • प्रशासनिक, विधिक एवं तकनीकी शब्दावली का प्रयोग
  • कम्प्यूटर पर हिंदी टाइपिंग (यूनिकोड, रेमिंगटन) एवं डिजिटल टूल्स
  • राजभाषा अधिनियम 1963 एवं राजभाषा नियम 1976 का व्यावहारिक ज्ञान

अध्ययन एवं परीक्षा केंद्र संबद्धता नियम (Affiliation Guidelines)

नालंदा हिंदी विद्यापीठ देश भर में योग्य शिक्षण संस्थाओं, ट्रस्टों तथा हिंदी प्रचार समितियों को अपने अधिकृत अध्ययन एवं परीक्षा केंद्र के रूप में संबद्धता प्रदान करता है।

संबद्धता हेतु अनिवार्य शर्तें:

  • संस्था पंजीकृत सोसाइटी, ट्रस्ट अथवा शैक्षणिक इकाई के रूप में कार्यरत हो।
  • पर्याप्त कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय एवं सुसज्जित कार्यालय की व्यवस्था हो।
  • हिंदी शिक्षण हेतु योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता हो।
  • विद्यापीठ द्वारा निर्धारित परीक्षा नियमों एवं शुचिता का पालन करने का शपथ पत्र।

नए अध्ययन / परीक्षा केंद्र हेतु संबद्धता आवेदन पत्र

संबद्धता हेतु इच्छुक संस्थाएं नीचे दिए गए प्रपत्र को भरें। हमारी निरीक्षण समिति शीघ्र आपसे संपर्क करेगी।

आधिकारिक प्रपत्र एवं डाउनलोड्स (Downloads & Circulars)

विद्यार्थी एवं अध्ययन केंद्र आवश्यक प्रपत्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं:

प्रपत्र का विवरण प्रारूप कार्रवाई
वार्षिक परीक्षा प्रवेश आवेदन प्रपत्र (Admission Form) PDF दस्तावेज़
संबद्धता प्रस्ताव प्रपत्र (Affiliation Application Form) PDF दस्तावेज़
प्रवासन / अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रपत्र (Migration/NOC Form) PDF दस्तावेज़
समस्त परीक्षाओं का विस्तृत विवरणिका (Prospectus 2025-26) PDF दस्तावेज़

विद्यापीठ संपर्क सूत्र (Contact Directory)

केंद्रीय कार्यालय पता

नालंदा हिंदी विद्यापीठ

आरएन रोड, धुरिया इमिलिया, तमकुहीराज / पदरौना, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश - 274407

दूरभाष: +91 8423907282 / 8285032392

ईमेल: info@nhv.org.in | verify@nhv.org.in

वेबसाइट: www.nhv.org.in

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