नालंदा हिंदी विद्यापीठ की मुख्य धारा
संस्थान का ध्येय हिंदी भाषा के प्रचार, प्रसार और विकास के साथ-साथ सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है।
प्रथमा (Prathama)
हिंदी भाषा, व्याकरण, सामाजिक विज्ञान एवं प्राथमिक साहित्य का अध्ययन। यह परीक्षा माध्यमिक/हाई स्कूल मानक के समकक्ष मानी जाती है।
मध्यमा (Madhyama)
गहन हिंदी साहित्य, संस्कृत एवं आधुनिक विषयों का समन्वय। यह परीक्षा 10+2 / इंटरमीडिएट हिंदी मानक के समकक्ष स्तर प्रदान करती है।
विशारद (Visharad)
हिंदी साहित्य का इतिहास, काव्यशास्त्र, गद्य-पद्य विधाएं एवं निबंध। यह उपाधि हिंदी माध्यम में बी.ए. (B.A. Hindi) के समकक्ष मानी जाती है।
साहित्यरत्न (Sahityaratna)
प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक हिंदी साहित्य, भाषा विज्ञान, रस मीमांसा एवं आलोचना पर आधारित सर्वोच्च स्नातकोत्तर (M.A. स्तर) परीक्षा।
विद्या वाचस्पति (Ph.D.)
हिंदी साहित्य, भाषा-विकास एवं क्षेत्रीय लोक साहित्य पर शोध प्रबंध। योग्य विद्वानों को अनुसंधान उपरांत प्रदान की जाने वाली उपाधि।
हिंदी शिक्षण एवं अनुवाद
राजभाषा हिंदी का कार्यालयी प्रयोग, प्रशासनिक अनुवाद, प्रयोजनमूलक हिंदी एवं अध्यापन प्रशिक्षण का विशेष पत्रोपाधि पाठ्यक्रम।